बस्ती। दिनांक 28.04.2026 को रात्रि लगभग 800 बजे वाल्टरगंज चीनी मिल में मिल कटान को लेकर बड़ा हंगामा हो गया। मिल संघर्ष समिति का आरोप है कि कबाड़ी सुभाष चौधरी, चंद्रेश दूबे (एच.आर.) व राजेश सिंह कथित रूप से बिना किसी विधिक आदेश के मिल परिसर में घुसे थे।
’घटनाक्रम’
मिल संघर्ष समिति के अनुसार, जैसे ही इसकी जानकारी क्षेत्र के मौसमी कर्मचारियों, किसानों व व्यापारियों को मिली, लगभग 150-200 की संख्या में लोग मिल गेट पर पहुंच गए और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। आरोप है कि चंद्रेश दूबे व राजेश सिंह द्वारा सुभाष चौधरी को पीछे के गेट से निकालने का प्रयास किया गया, जिस पर उपस्थित लोगों ने तीनों को रोक लिया मिल क्षेत्र के किसानों कर्मचारियों व्यापारियों ने बड़े ढ़ग से तीनों लोगों का स्वागत किया जिसमें कालर भी फटा व जूते का हार भी पड़ा। बाद में थाना प्रभारी वाल्टरगंज के हस्तक्षेप व क्षेत्रीय लोगों से अनुरोध के बाद तीनों को छोड़ा गया।
’मिल संघर्ष समिति का बयान’
समिति के पदाधिकारियों ने कहा, ऋष्हमने पूर्व में भी प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र व प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया था कि मिल में बिना देयक निस्तारण के कटान न किया जाए। चेतावनी के बावजूद चोरी-छिपे प्रयास किया गया, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा।ष्ऋ
’गंभीर आरोप’
समिति का आरोप है कि एच.आर. हेड एन.के. शुक्ल व सहयोगी चंद्रेश दूबे, राजेश सिंह, बबलू द्वारा मिल में तैनात चौकीदारों की मिलीभगत से लाखों का कबाड़ गायब किया जा रहा है। इसकी जानकारी न जिला प्रशासन को है, न उच्च प्रबंधन को।
’मांगें’
1. दिनांक 28.04.2026 की घटना की मजिस्ट्रेट जांच कराकर दोषियों पर बीएनएस की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई हो।
2. मिल परिसर से गायब कबाड़ की रिकवरी कराकर जिम्मेदार अधिकारियोंध्कर्मचारियों पर एफ.आई.आर. दर्ज हो।
3. जब तक कर्मचारियों का बकाया वेतन, रिटेनर, बोनस, ग्रेच्युटी व किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होता, तब तक मिल कटानध्निस्तारण पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
4. मिल में तैनात कथित दलालों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
मिल संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी-किसान बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन व मिल प्रबंधन की होगी।
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