करूं मैं वंदना शिव की सभी के  है शरण दाता:राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि अशोक गोयल" चक्रवर्ती "

श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था, अयोध्याधाम के तत्वावधान में रविवार को पावन पर्व महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर एक भव्य ऑनलाइन काव्य-समारोह का आयोजन श्रद्धा एवं साहित्यिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भगवान गणेश के स्मरण से हुआ।सरस्वती वंदना का ओजस्वी काव्यपाठ मनोज मंजुल ओज जी(कासगंज, उत्तर प्रदेश) द्वारा किया गया, जबकि गणेश वंदना अंजना दिलीप दास जी (बसना, छत्तीसगढ़) ने सुमधुर भावों के साथ प्रस्तुत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता  आ.अशोक गोयल ‘चक्रवर्ती’ जी तथा मुख्य अतिथि के रूप में आ.बीना गोयल जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके प्रेरणादायी विचारों ने साहित्यकारों का उत्साहवर्धन किया। समारोह का संचालन पूनम चौधरी एवं मनोज महतो जी ने अत्यंत प्रभावशाली एवं संतुलित ढंग से किया।
काव्य-पाठ में देश के विभिन्न प्रांतों से जुड़े साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शिवभक्ति, जीवन-मूल्य और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया। इनमें मनोज मंजुल ओज, श्रीमती शशिकला पांडेय (भिलाई, छत्तीसगढ़), सुषमा भंडारी, अरविन्द कुमार 'अनोखे' (उन्नाव, उत्तर प्रदेश), डॉ. राम अवतार शर्मा ‘राम’ (बाड़ी, राजस्थान), अवधेश कुमार श्रीवास्तव (उन्नाव, उत्तर प्रदेश), नन्द किशोर बहुखंडी (देहरादून), अंजना कुमारी केशरी (झारखंड), वैशाली रस्तोगी, राजेश कुमार शर्मा (धौलपुर, राजस्थान), रीता गुगलानी (फरीदाबाद, हरियाणा), चन्द्र प्रकाश पाठक ‘बन्धु’ (जौनपुर, उत्तर प्रदेश), कुमारी किरण (पश्चिम चम्पारण, बिहार), सुनीता छाबड़ा (गाजियाबाद), वीणा खण्डेलवाल (तुमसर, महाराष्ट्र), मंजू दलाल ‘मञ्जरी’ (नई दिल्ली), सरिता श्रीवास्तव (जोधपुर, राजस्थान), राम स्वरूप मयूरेश (झारखंड), प्रा. मनीषा नाड़गौडा (बेलगाम, कर्नाटक), श्रीमती कल्पना सचदेव (बिलासपुर, छत्तीसगढ़), चन्द्रकला शर्मा (छत्तीसगढ़), ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति (संत कबीर नगर), श्वेता कुमारी चौबे (पश्चिम चम्पारण, बिहार), भारती जी तथा अंजना दिलीप दास (बसना, छत्तीसगढ़) प्रमुख रहे।
समारोह के अंत में संस्था के अध्यक्षता कर रहे कवि अशोक गोयल चक्रवर्ती जी ने  सभी प्रतिभागियों  के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन श्रद्धा, संस्कार और साहित्य का सुंदर संगम सिद्ध हुआ।