केंद्र सरकार ने यूरिया की बोरी का वजन 50 किलोग्राम से घटाकर 40 किलोग्राम कर दिया है, जिससे किसानों में आक्रोश है। इस कदम को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर किसानों को ठगने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार यूरिया की बोरियों का वजन कम करके किसानों से ठगी कर रही है।
यूरिया की बोरी का वजन घटाने के पीछे सरकार का तर्क है कि इससे यूरिया के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी और किसानों को सस्ती दर पर यूरिया उपलब्ध हो सकेगा। लेकिन विपक्ष का कहना है कि इससे किसानों को नुकसान होगा और उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
यूरिया की बोरी का वजन घटाने से किसानों को प्रति किलोग्राम 1 रुपये की बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। इससे छोटे किसानों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, जिनके पास कम जमीन और सीमित पूंजी होती है।
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