बस्ती। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय के हस्ताक्षर से जारी उन 26 मंडल प्रभारियों की सूची पर भाजपा के ही लोग दबी जबान से सवाल कर रहे हैं, पूछ रहें हैं, कि क्यों नहीं इस सूची में उन अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया, जिनके रहने से मंडल अध्यक्षों की ठीक से मानिटरिगं हो पाती और पार्टी को लाभ होता? क्यों पार्टी ने उन नेताओं को भूला दिया, जो पिछले 35-40 साल से पार्टी को अपनी बहुमूल्य सेवाएं देते आ रहे हैं? क्यों इन्हें अनुभवी से अनुभवहीन बना दिया दिया? क्यों ऐसे अनुभवी नेताओं को दरकिनार कर अनुभवहीन को जिम्मेदारी दी गई, जिन्हांेने अपनी मेहनत से पार्टी को यहां तक पहुंचाया? ऐसे समय जब पार्टी को अनुभवी नेताओं की सबसे अधिक आवयष्कता है, क्यों उन्हें ही भूला दिया गया, और कुछ ऐसे लोगों को मंडल प्रभारी की जिम्मेदारी दे दी गई, जिनका भाजपा के विचाराधारा से कोई मेल ही नहीं खाता, आज भी ऐसे लोगों की विचाराधारा और निष्ठा किसी और पार्टी के प्रति है। क्या ऐसे लोग मंडल प्रभारी बनकर पार्टी को मजबूती प्रदान कर पाएगें? अनुभवी नेताओं की तो छोड़िए, दिनरात नारी शक्तिकरण की बात करने वाली भाजपा ने एक भी महिला को स्थान न देकर पूरे समाज के नारियों का अपमान किया हैं, जो महिलाएं कुछ दिन पहले सपा सांसद के आवास का घेराव करके दो दिन तक तिमिलाती धूप और गर्मी को भुलाकर पार्टी का मान सम्मान बढ़ाया, उन्हीं को ही पार्टी ने भूला दिया। सवाल उठ रहे हैं, कि भाजपा आखिर ऐसे में देश की नारियों को क्या संदेश देना चाह रही है? क्या यह बताना चाह रही है, कि पार्टी की करनी और कथनी में अंतर हैं, इसी अंतर की वजह से आज तक बस्ती में एक भी महिला जिलाध्यक्ष नहीं बन पाई, सवाल उठ रहा है, कि क्या नारियों के प्रति भाजपा का यही स्टैंड हैं, न जिलाध्यक्ष बनाया और न विधानसभा में पहुंचाया। जिले की महिलाओं के लिए जिलाध्यक्ष बनना एक सपना ही रह जाएगा, जब तक भाजपा में महिलाओं के प्रति सोच नहीं बदलेगी तब तक जिलाध्यक्ष तो क्या महिलाएं मंडल प्रभारी तक नहीं बन पाएगंी, यह लोग गांजा और स्मैक तस्कर को सम्मान दे देते हैं, लेकिन महिलाओं को नहीं देतेें। अगर आरक्षित सीट न हो तो कोई महिला न तो प्रमुख, न तो नगर पालिका और न नगर पंचायत अध्यक्ष ही बन सकेगी।
जब भी भाजपा कोई सूची जारी करती है, सवाल उठना लाजिमी है। कहा भी जाता है, कि जब तक मेरिट से अलग हटकर और एक व्यक्ति के ईशारे पर पदाधिकारियों और प्रत्याशी बनते रहेगें तब तक सवाल उठते रहेंगें। वर्तमान जिलाध्यक्ष के कार्यकाल में कोई भी ऐसी सूची नहीं जिस पर पार्टी के लोगों ने सवाल न खड़ा किया हो। इसी के चलते लोग कहनें लगें हैं, कि जब तक पाकेट के लोग पदाधिकारी और मलाईदार कुर्सी पर बैठते रहेगें, तब तक गुटबाजी समाप्त नहीं, किसी कार्यकर्त्ता का हक मारेगें तो उसका खामियाजा उसे जिसने हक मारा और पार्टी दोनों को भुगतना पड़ेगा। जिस दिन यह बात लोगों के समझ में आ जाएगी, उस दिन भाजपा का कोई भी विधायक और सांसद नहीं हारेगा। अब बात कर रहे थे, मंडल प्रभारियों की सूची पर। अनुभवी नेताओं को मंडल प्रभारी बनाने का पार्टी का मकसद, मंडल अध्यक्षों के साथ कंधें से कंधा मिलाकर संगठन की गति, कार्यक्रम और नीतियों को मजबूती देना है, और यह काम सफलतापूर्वक वहीं कर सकता है, जिसके पास पार्टी और संगठन में काम करने का अच्छाखासा अनुभव हो। पार्टी इन्हीं अनुभवी के सहारे जमीन तक पहुंचना चाहती। पार्टी के लिए खून पसीना बहाने वाले लोगों का कहना और मानना हैं, कि पार्टी अगर पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमसागर तिवारी, सुशील सिंह, यशंकात सिंह, पवन कसौधन, महेश शुक्ल, रविंद्र गौतम, अरविंद श्रीवास्तव उर्फ गोला, अभयपाल, अरुण भारती, सुखराम गौड़, अमरेश पांडेय, राम चरन चौधरी, चंद्र शेखर मुन्ना, चतुरगुन राजभर, रोली सिंह सहित अन्य ऐसे नेता हैं, जिनके पास 35-40 साल का पार्टी के लिए काम करने का अनुभव है, को सूची में शामिल करते तो यकीन मानिए, फिर कोई भाजपाई नहीं हारता। बूथ स्तर पर पार्टी इतनी मजबूत हो जाती कि हारने वाला बूथ भी जीत जाते। लेकिन यह तभी होगा, जब निष्पक्षता रहेगी। किसी को यह कत्तई नहीं लगना चाहिए, कि जिले में वही होगा, जो एक व्यक्ति चाहेगा, पार्टी किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि छोटे बड़े सभी कार्यकर्त्ताओं की है। जिन लोगों को मंडल प्रभारी का जिम्मा दिया गया, उनमें राधेष्याम कमलापुरी, राजेश तिवारी, राजकुमार शुक्ल, अमृत वर्मा, सुनील सिंह, विनय शंकर मिश्र, वीरेंद्र गौतम, अखंड प्रताप सिंह, राम सिंगार ओझा, विनय सिंह भारद्वाज, दिलीप पांडे, भानु प्रकाश मिश्र, प्रदीप निषाद, ब्रहृमदेव यादव उर्फ देवा, सुरेंद्र कुमार चौधरी, विनय कुमार यादव, विजय पांडेय, सुधाकर पांडेय नीरज, नागेंद्र सिंह सिंकू, प्रेमप्रकाश चौधरी, दिव्य प्रकाश, सत्येंद्र सिंह भोलू, राजेंद्र राजभर, प्रत्यूश विक्रम सिंह, अभिषेक कुमार गौतम एवं राकेश शर्मा का नाम शामिल है।
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