गंगा मेला स्थल में जाने के लिए कच्ची सड़क बनाने में जुटे
हापुड़ अमरोहा के जंगल में होगा गढ़ गंगा मेला
ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर: महाभारत कालीन कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला की तैयारी में सिस्टम जुट गया है। मेला स्थल में पहुंचने के लिए कच्ची सड़क बनाए जाने के अलावा जंगल में खड़ी फसल कटवाने पर जोर दिया गया है। हालांकि किसान अभी बारिश की बाढ़ से उबर नहीं पाया है। अब गन्ने की फसल समय से पहले काट कर नुकसान उठाने को मजबूर है। जिला पंचायत मेला की व्यवस्था में जुटा है। गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी गंगा मेला का पशु मेला हापुड़ के राजस्व गांव के क्षेत्र में तथा वीआईपी ,सदर संतर बाजार,जिला पंचायत कैंप और मेरठ सेक्टर अमरोहा के राजस्व गांव के जंगल में आयोजित किया जाएगा। जिला पंचायत के अभियंता आदेश कुमार ने बताया कि सड़क की निशानदेही के साथ कच्ची सड़क बनाई जानी शुरू कर दी है इसी के साथ ही मेला स्थल को निशानदेही कर समतल कर दिया जाएगा। गंगा स्नान मेला में करीब 35 लाख श्रद्धालु,दुकानदार,मनोरंजन के साधन वाले सहित पुलिस प्रशासनिक अधिकारी होते है।
किसान की फसल का मुआवजा नहीं
गंगा स्नान मेला गंगा किनारे करीब 20 किलोमीटर के परिधि छेत्र में होता है। जंगल में किसान के गन्ने की फसल खड़ी हुई है जिसे समय से पहले काटने पर नुकसान होगा जिसकी भरपाई नहीं होती है। किसान बारिश की बाढ़ के नुकसान से अभी नहीं उभर पाया है। ठेकेदार नरेंद्र शर्मा,सौरभ शर्मा ने बताया गंगा मेला की सभी तैयारी समय से पहले पूरी कर दी जाएगी। मेला स्थल में पहुंचने के लिए कच्ची सड़क का निर्माण तेजी के साथ कराया जा रहा है।
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