बनकटी। बस्ती। मुंडेरवा एवं बनकटी क्षेत्र के राजकीय पशु चिकित्सालय इस समय गंभीर प्रशासनिक और व्यावहारिक संकट से गुजर रहे हैं। एक ओर क्षेत्र में पशुओं में तेजी से फैल रही बीमारियों ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर स्टाफ की कमी और हालिया प्रशासनिक बदलावों ने पशु चिकित्सा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। जानकारी के अनुसार वर्षों से मुंडेरवा और बनकटी दोनों पशु चिकित्सालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार यादव ने अपने कार्यकाल में दोनों संस्थानों की व्यवस्था को सुचारु एवं सुदृढ़ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों के अनुसार उनके कार्यकाल में उपचार व्यवस्था, पशु सेवाएं और आपातकालीन सहयोग अपेक्षाकृत बेहतर ढंग से संचालित होते रहे। हालांकि उनके स्थानांतरण के बाद क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। वहीं 30 जून को मुंडेरवा पशु चिकित्सालय के अनुचर के सेवानिवृत्त होने के बाद अस्पताल संचालन में और भी अधिक अनिश्चितता उत्पन्न हो गई है। इसके चलते यह आशंका भी जताई जा रही है कि आने वाले समय में मुंडेरवा राजकीय पशु चिकित्सालय में ताला लगने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे स्थानीय पशुपालकों में गहरी चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान समय में क्षेत्र में पशुओं में विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे दूध उत्पादन और पशुधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में पशु चिकित्सा सेवाओं का निर्बाध रूप से उपलब्ध रहना अत्यंत आवश्यक है। पशुपालकों ने मांग की है कि जब तक नए पशु चिकित्साधिकारी एवं आवश्यक स्टाफ की तैनाती नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान व्यवस्था को यथावत रखा जाए, ताकि पशु उपचार में कोई बाधा उत्पन्न न हो। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि बढ़ती पशु बीमारियों को देखते हुए तत्काल विशेष पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएं, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा ग्रामीण स्तर पर निगरानी व्यवस्था को सक्रिय किया जाए। किसानों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका मानना है कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसकी अनदेखी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। अब जिम्मेदार विभाग पर यह दायित्व है कि वह इस व्यवस्था को स्थिर रखते हुए किसानों और पशुपालकों को तत्काल राहत प्रदान करे।