हापुड़ न्यूज़

गढ़मुक्तेश्वर, 26 जून - एक तरफ योगी सरकार तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने और सफाई के लिए अभियान चला रही है, वहीं गढ़मुक्तेश्वर के गांव खिलवाई में तालाब बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे हैं और सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई घरों ने तालाब की करीब 350 वर्ग मीटर जमीन तक पर कब्जा कर रखा है। आरोप है कि तालाब की जमीन पर कमरे, छप्पर और पशुओं के बाड़े तक बना लिए गए हैं। नालों के अवरुद्ध होने से गंदा पानी तालाब में भर रहा है, जिससे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर साल सफाई के नाम पर तालाब का पानी निकालकर टेंडर पास कर दिया जाता है, लेकिन अवैध कब्जे नहीं हटाए जाते। नालियों की सफाई न होने से बरसात में घरों के सामने जलभराव हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि हर पांच साल में प्रधान बदलते हैं, पर तालाब की समस्या जस की तस है।इसी को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों ने एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर से तालाब को कब्जा मुक्त कराने, नालों की सफाई और स्थायी समाधान की मांग की।
प्रदर्शन में रेशमा, बबीता, मीनाक्षी, पूनम, मोंटू कुमार, रॉबिन उर्फ गुड्डू, संजीव कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, विक्की कुमार, सुरेश कुमार, जितेंद्र कुमार उर्फ जीतू, मुकेश, मोहित, बिट्टू, प्रेम कुमार, मामचंद, टीटू, लक्ष्मण, महावीर, सुबोध, पप्पू, साहिल आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

इस संबंध में ग्राम प्रधान और सचिव से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
मनजीत सिंह कि रिपोर्ट
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