बस्ती। उ०प्र० राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि०) के बैनर तले लखनऊ में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के पांचवें दिन कर्मचारियों के आंदोलन को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। तीन चरणों में प्रमुख सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों के साथ विभिन्न अधिकारियों एवं संगठन प्रतिनिधिमण्डल के साथ वार्ता चली। इस वार्ता में कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं के संबंध पर सहमति बनी जिसके चलते धरना समाप्त हो गया।
बैठक में उपस्थित संगठन के ’प्रदेश महामंत्री आदित्य भारती’ के हवाले से मंडल अध्यक्ष डा. वीके वर्मा ने बताया कि संविदा कर्मचारियों के पुनः वेतन निर्धारण हेतु वेतन पालिसी लागू की गई, अन्तर्गत संविदा कर्मचारियों को भी रिक्त राजकीय आवासों का न्यूनतम दर पर आवंटन, एवं ग्रेच्युटी समस्त कर्मचारियों हेतु लागू होगी, कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु प्रति वर्ष 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा सभी के लिए किया जायेगा, के स्थान पर 15 दिन की (स्पेशल लीव) प्रतिवर्ष व महिलाओं के लिए की सुविधा, 7, 10, 12 व 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस, नियमित पदों के सापेक्ष निकलने वाली भर्ती में अब सभी कर्मचारियों को 15 अंक का भारांक एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण पूर्व में जारी शासनादेश व सेवा निगम के नियम शर्तों पर किया जायेगा। इसके साथ ही 16 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहे कर्मचारियों पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाही न हो इस पर सहमति बनी। जिला अध्यक्ष ’डॉ० अजय कुमार’ ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के कर्मचारियों की एकजुटता, धैर्य और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। संगठन कर्मचारियों के हितों से जुड़े प्रत्येक बिंदु पर शासन द्वारा की जाने वाली कार्यवाही पर नजर रखेगा तथा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि बैठक में दर्ज निर्णयों का लाभ अतिशीघ्र कर्मचारियों तक पहुंचे। जिला महामंत्री ’आनंद गौरव शुक्ला’ ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल आश्वासन प्राप्त करना नहीं, बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं का वास्तविक एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराना है। बैठक में दर्ज सहमति और निर्णय सकारात्मक पहल हैं, लेकिन अब संबंधित बिंदुओं पर समयबद्ध कार्यवाही और पूर्ण हुये बिंदुओं पर आदेश जारी होना आवश्यक है जिसके लिए संगठन निरन्तर प्रयासरत रहेगा।
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